सीईसी के रूप में ज्ञानश कुमार की नियुक्ति: भारत में ज्ञानश कुमार में एक नया मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) है, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चयन समिति द्वारा नियुक्त किया गया है। वह राजीव कुमार की जगह लेता है, जो अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होता है। Gyanesh Kumar 2024 के लोकसभा चुनावों सहित प्रमुख चुनावों की देखरेख करने के लिए तैयार है।
Gyanesh Kumar द्वारा प्रमुख भूमिकाएँ और निर्णय
Gyanesh Kumar केरल कैडर से 1988 के बैच के एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं। उन्होंने प्रशासनिक और सार्वजनिक सेवा दोनों भूमिकाओं में एक प्रतिष्ठित कैरियर बनाया है। उनके कुछ सबसे उल्लेखनीय योगदानों में शामिल हैं:
गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान राम जनमभूमी ट्रस्ट की स्थापना में भूमिका।
2019 में जम्मू और कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण में प्रमुख भागीदारी।
भूमि राजस्व, पर्यटन, परिवहन और कृषि जैसे विभिन्न विभागों को संभालना।
इस पद पर उठने से पहले, उन्होंने केरल में कई भूमिकाओं में सेवा की, जिसमें एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर और केरल स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक शामिल थे। शासन और चुनावों की उनकी गहरी समझ उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका के लिए अच्छी तरह से अनुकूल बनाती है।
शैक्षिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन
Gyanesh Kumar का जन्म 27 जनवरी, 1964 को आगरा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में अपना B.Tech पूरा किया और ICFAI HYDERABAD से बिजनेस फाइनेंस का अध्ययन किया। बाद में, उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पर्यावरण अर्थशास्त्र का पीछा किया।
शिक्षाविदों में गहरी रुचि रखने के बाद, ज्ञानश कुमार ने अपने स्कूल और कॉलेज के वर्षों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने लखनऊ के कॉल्विन तालुकदार कॉलेज में अपने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया। हडको में संक्षेप में काम करने के बाद, उन्होंने 1988 में आईएएस परीक्षा को मंजूरी दे दी।
ज्ञानश कुमार की आगामी जिम्मेदारियां
26 वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में, ज्ञानश कुमार अपने कार्यकाल के दौरान प्रमुख चुनावों की देखरेख करेंगे। इसमे शामिल है:
2024 के अंत में बिहार विधान सभा चुनाव।
2026 में केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव।
2026 में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव।
वह भारत में चुनावी प्रक्रिया को आकार देते हुए भविष्य के आम चुनावों और अन्य महत्वपूर्ण राज्य चुनावों को भी संभालेंगे।
Gyanesh Kumar के लिए आगे क्या है?
भारत की चुनावी प्रणाली के शीर्ष पर अब ज्ञानश कुमार के साथ, देश आने वाले वर्षों में कुछ सबसे महत्वपूर्ण चुनावों के दौरान उनके नेतृत्व का गवाह होगा। उनके नेतृत्व से चुनावों में स्थिरता, पारदर्शिता और निष्पक्ष आचरण लाने की उम्मीद है।