झागदार मूत्र क्या दर्शाता है?
पेशाब में झाग आना कभी-कभी सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर ऐसा बार-बार होता है, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। पेशाब के रंग में बदलाव, पेशाब में जलन और पेशाब करते समय झाग आना कई बीमारियों के संकेत हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ होता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह आपके स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। जनरल फिजिशियन डॉ. सुनीता नागपाल बता रही हैं कि पेशाब में झाग आने के क्या कारण हैं और ऐसी स्थिति में आपको कौन से टेस्ट कराने चाहिए।
पेशाब में झाग आने के पीछे हो सकती हैं ये समस्याएं:
अत्यधिक प्रोटीन उत्सर्जन: गुर्दे की समस्याओं के कारण मूत्र में प्रोटीन दिखाई देने लगता है, जिससे झागदार मूत्र निकलता है। किडनी की समस्या: अगर किडनी ठीक से काम नहीं करती तो पेशाब में झाग आ सकता है। दरअसल, किडनी से जुड़ी समस्याएं भी पेशाब में झाग आने का एक बड़ा कारण हो सकती हैं। मधुमेह: मधुमेह के रोगियों के मूत्र में अतिरिक्त चीनी झाग का कारण बन सकती है। जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है तो पेशाब में झाग बन सकता है। मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) या प्रोस्टेट समस्या के कारण भी पेशाब में झाग आ सकता है।
पेशाब में झाग आने पर कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?
यूरिन रूटीन टेस्ट: यूरिन में प्रोटीन, ग्लूकोज और अन्य तत्वों की जांच के लिए यह जरूरी है। रक्त परीक्षण (किडनी फंक्शन टेस्ट): किडनी की कार्यप्रणाली जानने के लिए यह परीक्षण करवाएं। माइक्रोएल्ब्यूमिन परीक्षण: मूत्र में प्रोटीन की मात्रा की जाँच करता है। अल्ट्रासाउंड (गुर्दे और प्रोस्टेट परीक्षण): गुर्दे और मूत्र पथ की स्थिति की जांच करने के लिए।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
अगर पेशाब में बार-बार झाग आता हो। पेशाब का रंग गहरा पीला, लाल या असामान्य होता है। पेशाब करते समय जलन, दर्द या किसी तरह की परेशानी होती है और शरीर में सूजन आ जाती है।
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